कई बार विशेषज्ञ उस हिस्से का स्किन सैंपल ले लेते हैं और माइक्रोस्कोप से जांच करते हैं.
इसके अलावा अगर आपके घर में किसी को सोरायसिस की शिकायत रह चुकी है तो पहले से ही सतर्क रहें और अगर ऐसा कोई भी निशान नज़र आए या चमड़ी खुरदुरी और मोटी लगे जो जांच करा लें.
- प्लाक सोरायसिस : यह सबसे सामान्य प्रकार है. इसमें शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं.
- ग्यूटेट सोरायसिस : ये शरीर पर दानों के रूप में नज़र आता है.
- इन्वर्स सोरायसिस : शरीर के जो हिस्से मुड़ते हैं , वहां पर इसका सबसे ज़्यादा असर देखने को मिलता है.
- पस्ट्युलर सोरायसिस : इसमें लाल चकत्तों के इर्द-गिर्द सफेद चमड़ी जमा होने लगती है.
- एरिथ्रोडर्मिक सोरायसिस : यह सोरॉसिस का सबसे ख़तरनाक रूप है जिसमें खुजली के साथ तेज़ दर्द भी होता है.
सोरायसिस का इलाज आमतौर पर इस बीमारी को बढ़ने से रोकता है और इससे सोरायसिस नियंत्रण में रहता है. इसका इलाज तीन चरणों में होता है...
- टॉपिकल: इसमें प्रभावित जगह पर क्रीम और तेल लगाना शामिल हैं
- फ़ोटोथेरेपी: अल्ट्रावायलेट किरणों से इलाज
- सिस्टेमिक: दवा या इंजेक्शन
रश्मि भी कहती हैं कि लाइफ़स्टाइल की वजह से वो शुरुआती वक़्त में उतना ध्यान नहीं दे सकीं जितना ज़रूरी था. इसका एक असर ये भी हुआ कि वज़न भी बढ़ गया.
डॉक्टर भी मानते हैं कि सोरायसिस के लिहाज़ से सबसे ज़रूरी है कि हम अपना ख्याल रखें. शुरुआती ध्यान से इसे बढ़ने से रोका जा सकता है.
भारतीय जनता पार्टी ने अमरीका की प्रतिष्ठित पत्रिका 'टाइम' के कवर पेज पर प्रधानमंत्री मोदी को
'महाविभाजनकारी' कहे जाने को लेकर इसके लेखक के पाकिस्तानी होने की बात कही
है. टाइम के अंतर्राष्ट्रीय संस्करण में मोदी को जिस आलेख में 'महाविभाजनकारी' कहा गया है उसे आतिश तासीर ने लिखा है.
आतिश तासीर
के पिता सलमान तासीर पाकिस्तान के उदारवादी नेता थे. सलमान को उनके
अंगरक्षक ने ही पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानून के ख़िलाफ़ बोलने पर गोली मार
दी थी. तासीर की मां भारत की जानी-मानी पत्रकार तवलीन सिंह हैं जो कि अक्सर मोदी के समर्थन में दिखती हैं. टाइम की कवर स्टोरी में सवाल पूछा गया है कि 'क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक बार फिर से पाँच सालों के लिए मोदी सरकार को चुनेगा?' टाइम की इस कवर स्टोरी की सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हो रही है. मोदी के विरोधियों ने इस कवर स्टोरी को काफ़ी तवज्जो दी है.
इस पत्रिका में एक और आलेख प्रकाशित किया गया है. यह आलेख राजनीति विज्ञानी इयन ब्रेमर की है, जिसका शीर्षक है- 'आर्थिक सुधार के लिए मोदी भारत की सबसे श्रेष्ठ उम्मीद.'
शनिवार को बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि टाइम मैगज़ीन में तासीर का आलेख मोदी को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान की अप्रत्यक्ष कोशिश है. पात्रा ने पूछा, ''इस आलेख का लेखक कौन है? इसका लेखक एक पाकिस्तानी है. एक पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि मोदी जी महाविभाजनकारी हैं और राहुल गांधी ने उसे ट्वीट किया. एक पाकिस्तानी से हम उम्मीद ही क्या कर सकते हैं?''
बीबीसी के पूर्व पत्रकार तुफ़ैल अहमद ने ट्वीट कर पूछा कि क्या भारतीय मीडिया मोदी पर इस तरह की कवर स्टोरी कर सकता है? इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए तवलीन सिंह ने लिखा है, ''तुफ़ैल पूरे आलेख को आप पढ़ेंगे तो पाएंगे कि इसमें भारतीय राजनीतिक परिदृश्य की आलोचना की गई है न कि केवल मोदी की. इसमें राहुल गांधी को भी औसत दर्जे का बताया गया है. वैसे मोदी पर तो पहले दिन से ही भारतीय मीडिया में हमले होते रहे हैं.''
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